योग-साधना LIFESKILLS/जीवन कौशल-17 –SHRI JAGAT SINGH BISHT

Shri Jagat Singh Bisht (Master Teacher: Happiness & Well-Being, Laughter Yoga Master Trainer, Author, Blogger, Educator and Speaker.) Ethics are not a collection of commandments and prohibitions to abide by, but a natural inner offering that can bring happiness and satisfaction to ourselves and others. LifeSkills Courtesy – Shri Jagat Singh Bisht, LifeSkills, Indore ...
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संस्थाएं – “LifeSkills”, Indore

(LifeSkills is a mission of Bisht couple (Shri Jagat Singh Bisht and Smt. Radhika Jagat Bisht) that creates a pathway to authentic happiness, well-being and a fulfilling life with objective to provide skills that make life happier, meaningful and worth living.  LifeSkills equips us with sustainable scientific tools to cultivate a happy and fulfilling life with a greater sense of well-being.) LifeSkills (A Pathway to Authentic Happiness, Well-being and a Fulfilling Life)  Do you want to be happier? Would you like to increase your well-being and flourish? We help you do that!  Let us begin with a quick overview by watching this short video:   What is LifeSkills? LifeSkills is a pathway to authentic happiness, well-being and a fulfilling life. Our objective is to provide skills that make life happier, meaningful and worth living. LifeSkills equips you with sustainable scientific tools to cultivate a happy and fulfilling life with a greater sense of well-being. What do you do? We conduct: Retreats Workshops Seminars Talks Trainings One-On-One Coaching For Individuals, Institutions, Communities, Workplaces...
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हिन्दी साहित्य – कविता – मैं दीपक था  – डॉ.राजकुमार “सुमित्र”

डॉ.राजकुमार "सुमित्र" मैं दीपक था    मैं दीपक था किंतु जलाया चिंगारी की  तरह    मुझे इतना बहकाया है तुमने छल लगती है सुबह मुझे । तुमने समझा हृदय खिलौना खेल समझ कर छोड़ दिया कभी देवता सा    पूजा  तो कभी स्वप्न-सा तोड़ दिया । जन्म मृत्यु की आंख मिचौनी और ना   अब  मुझसे  खेलो बहुत बहुत पीड़ा तन मन की कुछ मैं ले लूं कुछ तुम   झेलो। © डॉ.राजकुमार "सुमित्र"...
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योग-साधना LIFESKILLS/जीवन कौशल-16 –SHRI JAGAT SINGH BISHT

Shri Jagat Singh Bisht (Master Teacher: Happiness & Well-Being, Laughter Yoga Master Trainer, Author, Blogger, Educator and Speaker.) Cultivating a close, warm-hearted feeling for others automatically puts the mind at ease. It helps remove whatever fears or insecurities we may have and gives us the strength to cope with any obstacles we encounter. It is the ultimate source of success in life. LifeSkills   Courtesy – Shri Jagat Singh Bisht, LifeSkills, Indore...
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हिन्दी साहित्य- लघुकथा – छोटू का दर्द – डॉ सुरेश कुशवाहा ‘तन्मय’

डॉ  सुरेश कुशवाहा ‘तन्मय’ छोटू का दर्द अधेड़ आयु का एक शराबी होटल में घुसते ही “ए छोटू...एक प्लेट भजिए और कड़क काली चाय देने का इधर, फटाफट.. जल्दी से” “जी साब, अभी लाया।” फुर्ती से छोटु ने भजिए की प्लेट टेबल पर रखते हुए कहा- “चाय बन रही है साब, फिर लाता हूँ।” “क्यों बे! ये टेबल कौन साफ़ करेगा  तेरा बाप?” “साब, आप अपुन के बाप का नाम लेता है, मेरे को कोई मलाल नहीं इसका। अगर बाप ही ये काम कर लेता तो मैं  अभी किसी सरकारी स्कूल में पढ़ रहा होता।” “अच्छा साब, आपका बच्चा तो पढता होगा ना?” टेबल पर पोंछा मारते हुए छोटू ने पूछा? शराबी ने घूरते हुए कहा- “हाँ, पर तू ये सब क्यों पूछ रहा है?” “क्योंकि साब, स्कूल जाना तो मैंने भी शुरू किया था, किन्तु बीच में ही बाप की दारू की लत के कारण पढ़ना  छोड़ना पड़ा।” “अच्छा साब,- आपका बच्चा तो आखरी तक पढाई करता रहेगा ना?” “अबे छुटके, सवाल पे सवाल आखिर तेरा मतलब क्या है?” “माफ़...
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योग-साधना LIFESKILLS/जीवन कौशल-15 –SHRI JAGAT SINGH BISHT

Shri Jagat Singh Bisht (Master Teacher: Happiness & Well-Being, LaughterYoga Master Trainer, Author,Blogger,Educator,Speaker.) While many people consider sensory experience as the main source of happiness, really it is peace of mind. What destroys peace of mind is anger, hatred, anxiety and fear. Kindness counters this—and through appropriate education we can learn to tackle such emotions. LifeSkills Courtesy – Shri Jagat Singh Bisht, LifeSkills, Indore...
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संस्थाएं – “हैल्पिंग हेण्ड्स – फॉरएवर वेल्फेयर सोसायटी” 

“हैल्पिंग हेण्ड्स – फॉरएवर वेल्फेयर सोसायटी”  Helping Hands – Forever Welfare Society आज के संवेदनहीन एवं संवादविहीन होते समाज में भी कुछ संवेदनशील व्यक्ति हैं, जिन पर समाज का वह हिस्सा निर्भर है जो स्वयं को असहाय महसूस करता है। ऐसे ही संवेदनशील व्यक्तियों की संवेदनशील अभिव्यक्ति का परिणाम है “हैल्पिंग हेण्ड्स – फॉरएवर वेल्फेयर सोसायटी” जैसी संस्थाओं का गठन। इस संस्था की नींव रखने वाले समाज-सेवा को समर्पित आदरणीय श्री देवेंद्र सिंह अरोरा  (अरोरा फुटवेयर, जबलपुर के संचालक) एक अत्यंत संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी हैं, जो यह स्वीकार करने से स्पष्ट इंकार करते हैं कि- वे इस संस्था की नींव के पत्थर हैं। उनका मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति जो इस संस्था से जुड़ा है वह इस संस्था की नींव का पत्थर है। यह श्री अरोरा जी का बड़प्पन है एवं उनकी यही भावना संस्था के सदस्यों को मजबूती प्रदान करती है। प्रत्येक संस्था में कई अवयव होते हैं किन्तु कोई भी संस्था मात्र एक अवयव पर खड़ी रहती है जिसे...
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