योग-साधना LIFESKILLS/जीवन कौशल-14 –SHRI JAGAT SINGH BISHT

  Shri Jagat Singh Bisht (Master Teacher: Happiness & Well-Being, LaughterYoga Master Trainer, Author,Blogger,Educator,Speaker.) There is a growing body of evidence indicating that spiritual practices are associated with better health and wellbeing. Spiritual strength can help you overcome hardships. #spirituality #happiness #wellbeing #meaning #purpose #life #meditation LifeSkills Courtesy – Shri Jagat Singh Bisht, LifeSkills, Indore ...
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हिन्दी साहित्य – कविता – सूरज – सुश्री नूतन गुप्ता

नूतन गुप्ता  सूरज  हर रोज़ शाम होते ही कहीं चला जाता है। पर वो कहाँ जाता है? जाते तो हम हैं हमारे मन का काला पन डराता है हमें वह तो आएगा ही कल अपनी नई किरण के साथ हम स्वयम् पर नहीं लगाते रोक दोष देते हैं सदा दूसरे को ही। उसके जाने से नहीं होता अंधेरा अंधेरा तो होता है हमारे मुँह फेर लेने से। वह तो जाने के बाद भी बड़ी देर तक भूलता नहीं जब हम ही भुला दें तो क्या करे वो भी? मैं करती हूँ प्रेम डूबते सूरज से और उगते चाँद से भी कुछ बातें जो तुम करोगे रात भर सूरज से वह सुबह आकर सब कहेगा मुझसे और जो मैं रात भर बतियाऊँगी चाँद से वो सब होगा तुम्हारे बारे में। ©  नूतन गुप्ता (सुश्री नूतन गुप्ता  जी एक कवयित्री  एवं गद्यकार हैं । आप शासकीय विद्यालयों में  प्रधान अध्यापिका  पद से सेवानिवृत्ति के पश्चात स्वतंत्र लेखन एवं अध्ययन।  आप हिन्दी एवं अङ्ग्रेज़ी दोनों साहित्य में समान रुचि रखती हैं।) ...
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हिन्दी साहित्य- लघुकथा – डस्टबिन – डॉ सुरेश कुशवाहा ‘तन्मय’

डॉ  सुरेश कुशवाहा ‘तन्मय’ डस्टबिन विवाह सम्बन्ध के लिए आये परिवार में अलग से परस्पर बातचीत में नवयुवती शीला ने युवक मनोज से पहला सवाल किया" आपके घर में भी डस्टबिन तो होंगे ही, बताएंगे आप कि, उनमें सूखे कितने हैं और गीले कितने? समझा नहीं मैं शीला जी, डस्टबिन से आपका क्या तात्पर्य है! तात्पर्य यह है मनोज जी कि-- आपके परिवार में कितने बुजुर्ग हैं? इनमें सूखे से आशय-जो कोई काम-धाम करने की हालत में नहीं है पर अपनी सारसंभाल खुद करने में सक्षम है और गीले डस्टबिन से मेरा मतलब अशक्त स्थिति में बिस्तर पर पड़े परावलंबी व्यक्ति से है। तुम्हारा मतलब,  बुजुर्ग डस्टबिन होते हैं? हाँ, सही समझे, यही तो मैं कह रही हूँ। ओहो! कितनी एडवांस हैं आप शीला जी, आपके इन सुंदर नवाधुनिक क़विचारों ने तो मेरे ज्ञानचक्षु ही खोल दिये। अब मैं आपके ही शब्दों में बताता हूँ, यह कि-- हाँ, है मेरे घर में, सूखे और गीले दोनों तरह के डस्टबिन जो हमारी गलतियों, भूलों, कमियों व अनचाहे दूषित तत्वों को अपने में...
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योग-साधना LIFESKILLS/जीवन कौशल-13 –SHRI JAGAT SINGH BISHT

Shri Jagat Singh Bisht (Master Teacher: Happiness & Well-Being, LaughterYoga Master Trainer, Author,Blogger,Educator,Speaker.) Spirituality means something different to everyone. For some, it's about participating in organized religion: going to a church, synagogue, mosque, and so on. For others, spirituality is a non-religious experience that varies from person to person—some people get in touch with their spiritual side through private prayer, yoga, meditation, quiet reflection, a belief in the supernatural, or even long walks. LifeSkills Courtesy – Shri Jagat Singh Bisht, LifeSkills, Indore  ...
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हिन्दी साहित्य – व्यंग्य – एक व्यंग्यकार की आत्मकथा – श्री जगत सिंह बिष्ट

जगत सिंह बिष्ट एक व्यंग्यकार की आत्मकथा यह एक व्यंग्यकार की आत्मकथा है।  इसमें आपको ’एक गधे की आत्मकथा’ से ज़्यादा आनन्द आएगा।  गधा ज़माने का बोझ ढोता है, व्यंग्यकार समाज की विडम्बनाओं को पूरी शिददत से मह्सूस करता है।  इसके बाद भी दोनों बेचारे इतने भले होते हैं कि वक्त-बेवक्त ढेंचू-ढेंचू करके आप सबका मनोरंजन करते हैं।  यदि आप हमारी पीड़ा को ना समझकर केवल मुस्कुराते हैं तो आप से बढ़कर गधा कोई नहीं।  क्षमा करें, हमारी भाषा ही कुछ ऐसी होती है। इस आत्मकथा में जितने प्रयोग सत्य के साथ किये गये हैं, उससे कहीं अधिक असत्य के साथ।  यह निर्णय आपको करना होगा कि क्या सत्य है और क्या असत्य।  मोटे तौर पर, उपलब्धियों के ब्यौरे को झूठा मानें और चारित्रिक कमज़ोरियों के चित्रण को सच्चा जानें।  आत्मकथा का जो अंश अच्छा लगे, उसे चुराया हुआ समझें और जो घटिया लगे, उसे मौलिक मान लें।  जहां कोई बात समझ में न आये तो उसका ठीक विपरीत अर्थ लगायें क्योंकि व्यंग्यकार...
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हिन्दी साहित्य – आलेख – “भय” कानून का – डॉ विदुषी शर्मा

डॉ विदुषी शर्मा  आलेख - "भय" कानून का। आज बात करते हैं भय की, कानून के भय की। आज अखबार के मुख्य पृष्ठ पर ही यह खबर थी कि एक शख्स ने दूसरे शख्स को केवल गाड़ी ठीक से चलाने की नसीहत दी तो उन्होंने उसे गोली मार दी। उस इंसान की मदद को कोई नहीं आया ।परिणाम , उसकी मौत मौत हो गई। (विनोद मेहरा , 48 वर्ष जी टी करनाल रोड भलस्वा फ्लाईओवर) घर से जब किसी की असामयिक मृत्यु हो जाती है  तो उस परिवार पर क्या बीतती है, यह सब शब्दों में बयान कर पाना मुश्किल है क्योंकि यह ऐसा दर्द है जो उसके परिवार को, उस शख्स से जुड़े हर इंसान को जिंदगी भर झेलना पड़ता है। कई लोग यहां सोचेंगे कि यह खबर तो पुरानी है। तो हफ्ते, 10 दिन में किसी की जिंदगी नहीं बदलती ।जिस घर से एक इंसान की मौत हुई है 10 दिन में उनका कुछ भी नहीं बदलता और जिंदगी की...
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योग-साधना LifeSkills/जीवन कौशल-11 –Shri Jagat Singh Bisht

Shri Jagat Singh Bisht (Master Teacher: Happiness & Well-Being, LaughterYoga Master Trainer, Author,Blogger,Educator,Speaker.) LifeSkills In consultation with world experts in positive psychology, the Geelong Grammar School developed its ‘Model for Positive Education’ to complement traditional learning – an applied framework comprising six domains: Positive Relationships, Positive Emotions, Positive Health, Positive Engagement, Positive Accomplishment, and Positive Purpose. LifeSkills Courtesy – Shri Jagat Singh Bisht, LifeSkills, Indore...
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जीवन-यात्रा- डॉ गंगाप्रसाद शर्मा ‘गुणशेखर’

डॉ. गंगाप्रसाद शर्मा 'गुणशेखर'           (श्रद्धेय डॉ गंगाप्रसाद शर्मा ‘गुणशेखर’ जी का मैं अत्यन्त आभारी हूँ, जिन्होने मुझे प्रोत्साहित किया और मेरे विशेष अनुरोध पर अपनी जीवन-यात्रा के कठिन क्षणों को बड़े ही बेबाक तरीके से साझा किया, जिसे साझा करने के लिए जीवन के उच्चतम शिखर पर पहुँचने के बाद अपने कठिनतम क्षणों को साझा करने का साहस हर कोई नहीं कर पाते। मैं प्रस्तुत कर रहा हूँ, जमीन से जुड़े डॉ गुणशेखर जी का हृदय से सम्मान करते हुए उनकी जीवन यात्रा उनकी ही कलम से।) जन्म: 01-11-1962 अभिरुचि:  लेखन मेरी पसन्द : अपने बारे में ज़्यादा प्रचार-प्रसार न तो मुझे पसंद है और न उचित ही है। संप्रति: पूर्व प्रोफेसर (हिन्दी) क्वाङ्ग्तोंग वैदेशिक अध्ययन विश्वविद्यालय परिचय: (मैंने ऊपर 'मैं और मेरी पसंद' में बता दिया है कि अपने बारे में ज़्यादा प्रचार-प्रसार न तो मुझे पसंद है और न उचित ही है। ) इसके बावज़ूद अगर लिखना ही हो तो मैं कहूँगा कि मेरी ज़िंदगी  में कई ऐसे मोड़   आए जहाँ से लौटने  के अलावा कोई...
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